बस सोचते सोचते यहाँ तक आ गये..... तो पेश -ए- खिदमत है आपके....
यह तो हम दर्द के सहारे ज़िंदा हैं
वरना इश्क़ ने तो हमे मार ही डाला था...
-0-
लोग कहते हैं हमे प्यार करना नही आता
अरे ज़रा आँखो को पढ़ो आईने को नही...
P.S.1: I can't predict what I am gonna post next.
यह तो हम दर्द के सहारे ज़िंदा हैं
वरना इश्क़ ने तो हमे मार ही डाला था...
-0-
लोग कहते हैं हमे प्यार करना नही आता
अरे ज़रा आँखो को पढ़ो आईने को नही...
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kya bat hai
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