Thursday, July 24, 2014

Please tell me your heart

Neither you said
nor did I asked
Thought it was to be
The unsaid hidden part
Now I know my feelings
What I need for my heart
I need to know you,
Please tell me your heart

The fire that is burning out
The real man within your core
The tears you hide that makes
You beautiful heart sour
The unsaid words of your mind
Full of sorrow and pain
Tell me all, lets us walk together
Though this heart pinching rain
I want to hold your hand
Till the I breathe my last
For I need to know you,
Please tell me your heart

You know I understand
Just give me a chance to show
I want to be your strength
In life’s ups and downs, high and low
I know I am not perfect
Not the best of the best
But I want to hold you in my arms
And make you have your share of rest
Your silence is killing me
Tearing me into part
Before I extinguish myself,
Please let me your heart

Monday, July 21, 2014

मुझ मे तेरा कुछ अब भी बाकी हो जैसे

तुमसे जुदाई की परिभाषा क्या बताए हम
इस सुखी सी ज़िंदगी मे बस तेरी प्यास बाकी हो जैसे. 
सब कुछ लूट लिया ज़माने ने ऐ सनम 
फिर भी मुझ मे तेरा कुछ अब भी बाकी हो जैसे

यूँ तो अक्सर तुझमे खो जाती हूँ मैं 
पर दास्तान ए दिल दुनिया को समझाऊ कैसे
तू नही ज़िंदगी मे अजीब सी खामोशी हैं 
चुप हो गयी हो हर संगीत हर साज़ जैसे

बिरहा की आँच मे जल के खाक हुआ यह दिल 
पर तेरी चाहत मे भीगी अब व मेरी जान जैसे
सब कुछ लूट लिया ज़माने ने ऐ सनम 
फिर भी मुझ मे तेरा कुछ अब भी बाकी हो जैसे 

यह जागती आँखे रोज अपने चाँद को ढूंढे 
तेरे बिना कितनी तन्हा हूँ मैं समझाऊ कैसे
हर तरफ बस बेचैनी का आलम सा छाया है 
मोहबात के परे किसी और मंज़िल की तलाश जो जैसे

बुझ चुकी हैं उमीद की हर चिंगारी मन मे 
फिर भी बस तुझसे मिलने की जागती एक आस हो जैसे 
सब कुछ लूट लिया ज़माने ने ऐ सनम 
फिर भी मुझ मे तेरा कुछ अब भी बाकी हो जैसे. 


तेरे लिए सात समंदर तार जाउ मेरी जान 
पर मन के फसलों को तय करें भी तो कैसे. 
कभी जहाँ मोहबात की बरसात हुआ करती थी 
आज तरसती तेरे नूर को मेरी जान मेरी रूह जैसे

ना मैने कुछ कहा ना तुमने भी रोका हम को 
सयद जुदाई का दबे होठ तुमको इंतेज़ार था जैसे 
सब कुछ लूट लिया ज़माने ने ऐ सनम 
फिर भी मुझ मे तेरा कुछ अब भी बाकी हो जैसे

फिर भी दिल तुम्हे भूल ना सका अब तक 
तुझसे अब व कौन सा नाता हैं मेरा बताउ कैसे 
सुखी अपनी कुछ आरज़ूओ की एक माला बनाई है 
बना दिया तुमने मुझे भी जोगन मीरा जैसे 

अधूरी रात अधूरे दिन और कुछ टूटे ज़ज्बात 
तेरे बाद अधूरी हो ज़िंदगी का आधार जैसे 
सब कुछ लूट लिया ज़माने ने ये सनम 
फिर भी मुझ मे तेरा कुछ अब भी बाकी हो जैसे

Sunday, July 20, 2014

मुझे मेरी ही तलाश हैं

जाने कैसी यह ताडप हैं
जाने कैसी यह प्यास हैं
किस फ़िराक मे हैं दिल आज कल
जैसे मुझे मेरी ही तलाश हैं

लाखो चेहरे और अनगिनत आवाज़ें
झूठी मुस्काने और झूठे वादे
दुनिया के इस खोखलेपन मे
बस अब दर्द ही एक साचा एहसास हैं
मोहब्बत मे, रुसवाई मे और फिर बेवफ़ाई मे
जैसे मुझे मेरी ही तलाश है

टूटे दिल के टुकड़ो पे जिंदा हूँ मैं
साँसे तो बस बहाना भर ही हैं
बेआबरू होते शर्म और ख्वाहइसों मे
हर तरफ नफ़रत की ही साज़ हैं
खुद को खुद मे ही ढूंड रही हूँ मैं
जैसे मुझे मेरी ही तलाश है