तेरे जाने के बाद भी तेरा इंतेज़ार है
जो बहती हैं मुझमे तेरी ही साज़ है
आब तुम हम से ऩही बोलते लेकिन
जो गूँजती हैं मुझमे तेरी ही आवाज़ है
आज भी आँखो मे तेरा ही सपना हैं और
सांसो मैं बस्ती हैं तेरी खुसबू
मेरी दुआओं मे आज भी तेरी ही जूसतजू.
सयद किसी और मोड पे भी हो तुमसे रूबरू
तुम्हे गए हुए जमाने बीत चुके
लेकिन हर पल मे तुम्हारा ही साथ है
आब तुम हम से न्ही बोलते लेकिन
जो गूँजती हैं मुझमे तेरी ही आवाज़ है
हर आहट पे दिल धड़के तेरे तसबूर को
के सयद फिर तुम आके बाहो मे थाम लो
ज़िंदगी की रीत थी सो मौत को भी तुमने अपनाया
जाना ही था दूर तो क्यूँ हुमको अपना बनाया
भीगते हैं सावन मे हम प्यास बुझाने को
मानो ये बरसात तुम्हारा ही अंदाज़ है
आब तुम हम से न्ही बोलते लेकिन
जो गूँजती हैं मुझमे तेरी ही आवाज़ है
जो बहती हैं मुझमे तेरी ही साज़ है
आब तुम हम से ऩही बोलते लेकिन
जो गूँजती हैं मुझमे तेरी ही आवाज़ है
आज भी आँखो मे तेरा ही सपना हैं और
सांसो मैं बस्ती हैं तेरी खुसबू
मेरी दुआओं मे आज भी तेरी ही जूसतजू.
सयद किसी और मोड पे भी हो तुमसे रूबरू
तुम्हे गए हुए जमाने बीत चुके
लेकिन हर पल मे तुम्हारा ही साथ है
आब तुम हम से न्ही बोलते लेकिन
जो गूँजती हैं मुझमे तेरी ही आवाज़ है
हर आहट पे दिल धड़के तेरे तसबूर को
के सयद फिर तुम आके बाहो मे थाम लो
ज़िंदगी की रीत थी सो मौत को भी तुमने अपनाया
जाना ही था दूर तो क्यूँ हुमको अपना बनाया
भीगते हैं सावन मे हम प्यास बुझाने को
मानो ये बरसात तुम्हारा ही अंदाज़ है
आब तुम हम से न्ही बोलते लेकिन
जो गूँजती हैं मुझमे तेरी ही आवाज़ है
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